Gouri Shankar Gupta
Thursday, 22 January 2015
मप्र के राज्यपाल रामनरेश यादव से पत्रकार प्रवीण श्रीवास्तव व राजकुमार सोनी की सौजन्य भेंट
Friday, 28 March 2014
अगले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनेंगे
सूर्य व शुक्र बनवाएंगे मोदी को पीएम
प्रधानमंत्री पद पर पहुंचने के लिए महिला शक्ति होगी मददगार
- राजकुमार सोनी
मई में गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर सत्तासीन होंगे। मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री पद तक पहुंचाने में किसी खास महिला का योगदान होगा। ऐसा योग सूर्य व शुक्र ग्रह से बन रहा है। भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी के ज्योतिषीय आकलन दृष्टिकोण से मप्र के प्रमुख भविष्यवक्ताओं व ज्योतिषियों से अबकी बार किसकी सरकार और कौन बनेगा प्रधानमंत्री के बारे में बात की। इन प्रकांड विद्वानों का कहना है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा को सर्वाधिक सीटें हासिल होंगी और एनडीए की सरकार के मुखिया इस बार लालकृष्ण आडवाणी की बजाय गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे। लोकसभा में एनडीए को 250 से 275 सीटें मिलेंगी जबकि यूपीए को 80 से 110 सीटें ही मिल पाएंगी।
इंदौर के लालकिताब विशेषज्ञ एवं भविष्यवक्ता पं. आशीष शुक्ला के अनुसार शनि शत्रु राशि में होकर चतुर्थ पर पूर्ण दृष्टि रखने से जनता के बीच प्रसिद्ध बना रहा है। भारत की अधिकांश जनता भावी प्रधानमंत्री के रूप में देख रही है। दशमेश बुध एकादशेश के साथ है। दशमेश सूर्य, केतु से भी युक्त है। सूर्य का महादशा में लग्नेश मंगल का अन्तर चल रहा है जो दशमेश होकर लाभ भाव में व मंगल स्वराशि का होकर लग्न में है। यह समय भाजपा को उत्थान की ओर लेजाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बन जाएंगे। पं. शुक्ल ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी का योग प्रधानमंत्री बनने का नहीं है।
सागर के ज्योतिषाचार्य एवं अंक शास्त्री पं. पीएन भट्ट के अनुसार नरेन्द्र मोदी की जन्म राशि वृश्चिक है। शनि की साढ़े साती का प्रथम चरण चल रहा है। राजभवन में विराजे शुक्र में पराक्रमेश शनि की अन्तर्दशा में गुजरात के मुख्यमंत्री बने। 02.12.2005 को शुक्र की महादशा के बाद राज्येश सूर्य की महादशा जो 03.02.2011 तक चली। तत्पश्चात् 03.02.2011 से भाग्येश चन्द्र की महादशा का शुभारम्भ हुआ। ज्योतिष ग्रंथों में वर्णित है कि एक तो भाग्येश की महादशा जीवन में आती नहीं है और यदि आ जाए तो जातक रंक से राजा तथा राजा से महाराजा बनता है। मोदी भाग्येश की महादशा में मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री बन सकते हैं, किन्तु चन्द्रमा में राहु की अन्र्तदशा ग्रहण योग बना रही है तथा 20 अप्रैल से 20 जुलाई 2014 के मध्य व्ययेश शुक्र की प्रत्यन्तर दशा कहीं प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने के प्रबल योग को ण न कर दें? यद्यपि योगनी की महादशा संकटा में सिद्धा की अन्तर्दशा तथा वर्ष कुण्डली में वर्ष लग्न जन्म लग्न का मारक भवन (द्वितीय) होते हुए भी मुंथा पराक्रम भवन में बैठी है तथा मुंथेश शनि अपनी उच्च राशि का होकर लाभ भवन में विराजमान है। जो अपनी तेजस्वीयता से जातक को 7 रेसकोर्स तक पहुंचा सकता है। किन्तु एक अवरोध फिर भी शेष है और वह है सर्वाष्टक वर्ग के राज्य भवन में लालकृष्ण आडवानी और राहुल गांधी की तुलना में कम शुभ अंक अर्थात् 27. साथ ही ''मूसल योग'' जातक को दुराग्रही बना रहा है तथा केमद्रुम योग, जो चन्द्रमा के द्वितीय और द्वादश में कोई ग्रह न होने के कारण बन रहा है। उसका फल भी शुभ कर्मों के फल प्राप्ति में बाधा। वर्तमान में भाग्येश चन्द्रमा की महादशा चल रही है, जो दिल्ली के तख्ते ताऊस पर मोदी की ताजपोशी कर तो सकती है किन्तु केमद्रुम योग तथा ग्रहण योग इसमें संशय व्यक्त करता नजर आ रहा है?
ग्वालियर के भविष्यवक्ता पं. एचसी जैन ने बताया कि नरेंद्र मोदी की कुंडली में केन्द्र का स्वामी केन्द्र में होकर त्रिकोण के साथ लक्ष्मीनारायण योग बना रहा है। यह योग कर्म क्षेत्र को धनवान बनाने में समर्थ है। यही कारण है कि नरेंद्र मोदी की ख्याति विरोध के बावजूद लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि लोकसभा में एनडीए को 250 से 275 सीटें मिलेंगी जबकि यूपीए को 80 से 110 सीटें ही मिल पाएंगी। जैन ने बताया कि मोदी को प्रधानमंत्री बनवाने में किसी खास महिला का विशेष योगदान रहेगा।
जन्मकुंडली : नरेन्द्र मोदी
जन्म दिनांक : 17 सितम्बर, 1950
जन्म समय : 11 बजे प्रात:
जन्म स्थान: मेहसाना (गुजरात)
Tuesday, 27 November 2012
अपनी उलझी समस्याओं को सुलझाएं
शक्तियों का साक्षात चमत्कार
धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि कलियुग में शक्तियों का साक्षात चमत्कार देखने को मिलता है। किसी भी जातक ने थोड़ी सी भी पूजा-अर्चना कर ली उसे तुरंत लाभ मिलता है। अगर आप भी किसी भी समस्या से घिरे हैं और तत्काल निदान चाहते हैं तो शक्तियों का अद्भुत चमत्कार अनुभव कर सकते हैं। अगर आपको बाकई ढोंगी तांत्रिकों, बाबाओं, जादू-टोना वालों से बेहद तंग और परेशान हो चुके हैं तो सच्ची शक्तियों की कृपा प्राप्त कर अपनी उलझी हुई समस्याओं का निदान प्राप्त कर जीवन को खुशहाल बना सकते हैं। एक बार आपने शक्तियों की विशेष कृपा प्राप्त कर ली तो आपका जीवन धन्य हो जाएगा। हर जातक के जीवन में अनेकानेक समस्याएं आती रहती हैं उन से वह कुछ समय के लिए छुटकारा तो पा लेता है लेकिन कई समस्याएं ऐसी हैं जो जिंदगी भर जातक इनसे छुटकारा नहीं पा सकता। रोजाना का पारिवारिक कलह, पति-पत्नी में मन-मुटाव, आसपास के पड़ोसियों की द्वेष भावना, ऊपरी हवा का चक्कर, जमीन-जायदाद, कोर्ट-कचहरी, प्रेम में विफलता, तलाक की नौबत, धन की बेहद तंगी, बेरोजगार, सास-बहू में अनबन, किसी भी काम में मन नहीं लगना, बीमारियों का पीछा नहीं छूटना, शत्रुता जैसी समस्याएं हर जातक को घेरे रहती हैं। अगर आप इन सभी का सटीक निदान चाहते हैं तो एक बार जरूर संपर्क करें।
- पंडित राज
चैतन्य भविष्य जिज्ञासा शोध संस्थान
एमआईजी-3/23, सुख सागर, फेस-2
नरेला शंकरी, भोपाल -462023 (मप्र), भारत
मोबाइल : +91-8827294576
ईमेल : panditraj259@gmail.com
Tuesday, 17 July 2012
साथियों संग सुनीता अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पहुंची
भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके दो अन्य साथी अंतरिक्ष यात्रियों ने मंगलवार को सफलतापूर्वक अपने रूसी सोयूज अंतरिक्षयान को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से जोड़ा। सुनीता और उनके साथी चार महीने तक केंद्र में रहकर 30 से अधिक वैज्ञानिक मिशनों पर काम करेंगे।
नासा की 46 वर्षीय अंतरिक्षयात्री सुनीता, रूस के सोयूज के कमांडर यूरी मलेनचेनको और जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के फ्लाइट इंजीनियर अकिहिको होशिदे दो दिन तक अंतरिक्ष की कक्षा में रहने के बाद आज आईएसएस पहुंचे। अंतरिक्ष केंद्र से जुड़ने के बाद मलेनचेनको ने कोरोलेव में रूसी मिशन नियंत्रण केंद्र पर भेजे रेडियो संदेश में कहा कि सब कुछ ठीक है। नासा ने एक बयान में कहा कि रूसी अंतरिक्षयान सोयूज टीएमए 05एम स्वचालित तरीके से भारतीय समयानुसार सुबह करीब 10:21 बजे आईएसएस के रासवेट मॉडयूल से जुड़ गया। तीनों ने गत रविवार को अपने चार महीने के अंतरिक्ष मिशन के लिहाज से कजाखस्तान के बैकनूर कॉस्मोड्रोम से आईएसएस के लिए सफल उड़ान भरी थी। नासा ने एक बयान में कहा कि छह सदस्यीय चालक दल ने मिशन के अधिकारियों के साथ एक स्वागत समारोह का आयोजन किया और फिर सुरक्षा संबंधी जानकारी हासिल की। सुनीता विलियम्स की यह दूसरी अंतरिक्ष यात्रा है। इससे पहले वह 195 दिन अंतरिक्ष में रह चुकी हैं, जो किसी महिला अंतरिक्षयात्री की सबसे लंबी यात्रा का रिकार्ड है। तीन सदस्यीय दल नवंबर के मध्य में वापस लौटेगा और इस दौरान आईएसएस पर वे करीब 30 वैज्ञानिक मिशनों को पूरा कर सकते हैं। सुनीता और उनकी टीम की लंदन ओलंपिक के मद्देनजर अंतरिक्ष की कक्षा में रोचक आयोजन की भी योजना है। सुनीता, मलेनचेनको और होशिदे पहले से ही अंतरिक्ष स्टेशन पर रह रहे रूसी कमांडर जेनाडी पडालका, उनके सहयोगी सज्रेई रेविन तथा नासा के अंतरिक्षयात्री जोए अकाबा से मुलाकात करेंगे। सभी छह लोग करीब दो महीने तक मिलकर काम करेंगे। अकाबा, पडालका और रेविन का 17 सितंबर को धरती पर लौटने का कार्यक्रम है। पडालका वापसी से पहले केंद्र तथा एक्सपिडीशन 33 की कमान सुनीता विलियम्स को सौंपेंगे। एक्सपिडीशन 32 अपोलो़ सोयूज परीक्षण परियोजना की 37वीं वर्षगांठ के मौके पर रवाना हुई है और अंतरिक्ष स्टेशन पहुंची है। 37 साल पहले पहली बार अमेरिकी यान रूस के सोयूज के साथ जुड़ा था। कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र का अपोलो यान और बैकनूर कॉस्मोड्रोम के सोयूज 7क़े़टीएम को 15 जुलाई, 1975 को रवाना किया गया था और वे दो दिन बाद स्टेशन से जुड़े। सुनीता और उनके साथियों का आईएसएस पर व्यस्त कार्यक्रम रहेगा। जिनमें दो स्पेसवाक के साथ जापानी, अमेरिकी व्यावसायिक और रूसी पुन: आपूर्ति यानों का आगमन शामिल होगा। अंतरिक्ष केंद्र के बाहर लगे वीडियो कैमरों ने सोयूज की शानदार तस्वीरें खींचीं। सुनीता 2006 में छह महीने तक आईएसएस में ठहरीं और अनुसंधान किया। उनके पिता गुजरात के हैं और नासा ने 1998 में उन्हें अंतरिक्षयात्रा के लिए चुना था।
राष्ट्रपति चुनाव : आखिर मान गईं दीदी, प्रणब को दिया समर्थन
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने मंगलवार को राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अपने पत्ते खोल दिए। ममता ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में उनकी पार्टी प्रणब मुखर्जी के पक्ष में मतदान करेगी।
ममता ने हालांकि, कहा कि उप राष्ट्रपति पद पर हामिद अंसारी की उम्मीदवारी पर वह विचार करेंगी।
कांग्रेस पर एक बार फिर निशाना साधते हुए ममता ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस उनकी पार्टी पर हमले कर रही है। उन्होंने कहा कि वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में रहते हुए उसका विरोध करेंगी लेकिन राष्ट्रपति चुनाव में वह प्रणब का समर्थन करेंगी। ममता ने कहा कि अंसारी की उम्मीदवारी पर उनकी पार्टी विचार करेगी।
ममता ने पार्टी के संसदीय और विधायक दल की एक बैठक के बाद कहा, गठबंधन को ध्यान में रखते हुए हमने राष्ट्रपति चुनाव में प्रणब मुखर्जी का समर्थन करने का फैसला किया है।
ममता ने कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी के इस फैसले से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पहले ही अवगत करा दिया है। मैंने उनसे कहा कि आपको यह जानकर खुशी होगी कि हमने प्रणब मुखर्जी को समर्थन करने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा, हमने सर्वसम्मति से अपना फैसला लिया है। लोकतंत्र और जनता के हित में हमने मुखर्जी को समर्थन देने का फैसला किया है। निर्णय लेना मुश्किल था। यदि पूर्व राष्ट्रपति डा. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम चुनाव लड़ने को तैयार हो जाते तो हम उनका ही समर्थन करते। मुखर्जी को समर्थन देने के लिए किसी ने मुझ पर दबाव नहीं डाला। मैंने भी किसी दबाव में झुककर फैसला नहीं किया।
वहीं, प्रणब को समर्थन दिए जाने पर कांग्रेस ने ममता का स्वागत किया।
Subscribe to:
Posts (Atom)








